Friday, December 30, 2016

छलकती यादें या एहसास के निशां

बदलते चेहरे या बादलों के निशां
बहलते सपने या कारवां के निशां
चलते रस्ते या मंजिलों के निशां
बरसते आंखे या पलकों के निशां
उबलते बुलबले या रिश्तों के निशां
चहकते चेहरे या बारिश के निशां....हैं ये
या छलकते एहसास और यादें ज़िन्दगी के सफ़र की ।

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